ओ सिरियारी के संत! निसर्ग महन्त! (O Siriyari Ke Sant! Nisarg Mahant!)
Acharya Bhikshu Bhajanयह भक्ति-गीत आचार्य श्री महाप्रज्ञ द्वारा रचित है। इसमें सिरियारी के संत के प्रति गहरी श्रद्धा और प्रेम व्यक्त किया गया है। कवि ने उनके तप, समता, ध्यान और …
यह भक्ति-गीत आचार्य श्री महाप्रज्ञ द्वारा रचित है। इसमें सिरियारी के संत के प्रति गहरी श्रद्धा और प्रेम व्यक्त किया गया है। कवि ने उनके तप, समता, ध्यान और …
यह भक्ति-गीत आचार्य श्री महाप्रज्ञ द्वारा रचित है। इसमें गुरु के प्रति गहरा प्रेम, श्रद्धा और आत्मीय भाव व्यक्त किए गए हैं। कवि स्वामीजी के मधुर व्यक्तित्व, उनके …
यह भजन श्रद्धा, भक्ति और अनुशासन का सुंदर संदेश देता है। इसमें स्वामीजी से प्रार्थना की गई है कि वे गुरु-गीता का पाठ पुनः सुनाएँ और संघ में प्रेम व एकता …
यह भजन आत्ममार्ग की सच्ची खोज को प्रकट करता है। इसमें साधक स्वामी से सही पंथ दिखाने की प्रार्थना करता है। रचना में समर्पण, सहनशीलता, विनय और …
यह भक्ति गीत आचार्य श्री महाप्रज्ञ द्वारा रचित एक भावपूर्ण रचना है। इसमें शासन के आधार, अनुशासन, मर्यादा और गुरु-भक्ति का सुंदर वर्णन किया गया है …
यह भक्ति-गीत “ज्योति का अवतार बाबा” आचार्य श्री महाप्रज्ञ द्वारा रचित एक प्रेरणादायक रचना है। इसमें आचार्य भिक्षु के जीवन, उनके त्याग, साधना और …
यह भक्ति-गीत “चैत्य पुरुष जग जाए” आत्म-जागरण और आध्यात्मिक चेतना का सुंदर संदेश देता है। इसमें भगवान के पवित्र नाम और मंत्रों की महिमा का वर्णन …
यह “संघ गीत” जैन धर्म के पवित्र तेरापंथ धर्मसंघ की महिमा का सुंदर वर्णन करता है। इसमें संघ की एकता, अनुशासन, मर्यादा और गुरु-भक्ति की भावना …
यह प्रेरणादायक गीत आचार्य श्री तुलसी द्वारा रचित है। इसमें जैन शासन, संघ और मर्यादा की महिमा का सुंदर वर्णन किया गया है। गीत बताता है कि शासन एक …
यह भक्ति-गीत “शासन कल्पतरू” आचार्य श्री तुलसी द्वारा रचित है। इसमें तेरापंथ शासन की महिमा, एकता, अनुशासन और आस्था का सुंदर वर्णन किया गया है …
“ओ म्हारा गुरुदेव” आचार्य श्री तुलसी द्वारा रचित एक अत्यंत भावपूर्ण भक्ति गीत है। यह रचना गुरु के प्रति अटूट श्रद्धा, समर्पण और विश्वास को प्रकट करती …
यह भक्ति गीत आचार्य श्री तुलसी की रचना है। इसमें भक्त अपने भगवान के प्रति गहरी श्रद्धा और प्रेम व्यक्त करता है। वह कहता है कि उसके पास धूप, दीप और …
यह भजन “स्वामीजी! थांरी साधना री” आचार्य श्री तुलसी द्वारा रचित है। इसमें स्वामीजी की ऊँची साधना, गहरी तपस्या और महान व्यक्तित्व का सुंदर वर्णन किया …
यह भक्ति-गीत “रूं-रूं में सांवरियो बसियो” जैन संत परंपरा की गहरी श्रद्धा और गुरु-भक्ति को व्यक्त करता है। इसके रचयिता आचार्य श्री तुलसी हैं। इस गीत में …
यह भजन आचार्य श्री तुलसी द्वारा रचित है। इसमें तेरापंथ के शासन, मर्यादा और अनुशासन की महिमा का सुंदर वर्णन किया गया है। रचना में एकाचार्य परंपरा …