सोलह सती स्तवन – आदिनाथ आदि जिनवर बंदी (Solah Sati Stavan – Adinath Aadi Jinvar Bandi)
Panch Parmeshthi Bhajanयह सोलह सती स्तवन मुनि उदय रतन जी द्वारा रचित एक भक्तिमय स्तुति है। इसमें जैन धर्म की सोलह महान सती महिलाओं के पवित्र…
यह सोलह सती स्तवन मुनि उदय रतन जी द्वारा रचित एक भक्तिमय स्तुति है। इसमें जैन धर्म की सोलह महान सती महिलाओं के पवित्र…
यह मंगल स्तुति जैन धर्म की एक अत्यंत पवित्र और भावपूर्ण वंदना है। इसमें भगवान आदिनाथ, शांतिनाथ, महावीर स्वामी, नमोकार मंत्र, अर्हंत, सिद्ध, साधु, धर्म…
यह भजन “मंगल वीतराग भावना” आत्मा में शुद्धता, भक्ति, वैराग्य और अहिंसा की भावना जगाने वाला सुंदर जैन भजन है। इसमें…
यह भक्ति-गीत आचार्यश्री तुलसी द्वारा रचित एक सुंदर स्तुति है। इसमें जैन धर्म के तीर्थंकरों के प्रति गहरी श्रद्धा, भक्ति और आदर…
यह भजन जैन धर्म के पंच परमेष्ठी — अरिहंत, सिद्ध, आचार्य, उपाध्याय और साधु — की महिमा का सुंदर वर्णन करता है। इसमें…
यह भक्ति-भाव से भरा सुंदर स्तवन “अहो प्रभु! तुम ही दायक शिव-पंथ ना” भगवान जिनेश्वर की महिमा का वर्णन करता है। इसमें भक्त…
यह भक्ति गीत सुबह उठकर शुद्ध मन से परमेष्ठी का ध्यान करने की प्रेरणा देता है। इसमें देव, गुरु और जिन धर्म की शरण लेकर जीवन
यह सुंदर भजन नवकार महामंत्र की महिमा को सरल शब्दों में समझाता है। इसमें बताया गया है कि हमें प्रतिदिन नवकार मंत्र का…
यह सुंदर भजन “प्रात: उठ परमेष्ठी वन्दन” प्रातःकाल में गाए जाने वाला एक पावन स्तवन है। इसमें परमेष्ठी भगवान, चौबीस तीर्थंकर, गणधर, आर्यिकाएँ, साधु …
यह भजन देव, गुरु और धर्म के प्रति अटूट श्रद्धा और विश्वास को व्यक्त करता है। इसमें चौबीस तीर्थंकरों का स्मरण करते हुए उनके चरणों में विनम्र वंदन किया …