नमस्कार महामंत्र (णमोकार/ नवकार महामंत्र) – अर्थ सहित (Namaskar Mahamantra (Namokar / Navkar Mahamantra) – With Meaning)
Jain Mantraनमस्कार महामंत्र (णमोकार या नवकार मंत्र) जैन धर्म का सबसे पवित्र और अनादि मूल मंत्र है। इसमें किसी व्यक्ति विशेष…
नमस्कार महामंत्र (णमोकार या नवकार मंत्र) जैन धर्म का सबसे पवित्र और अनादि मूल मंत्र है। इसमें किसी व्यक्ति विशेष…
क्रोध / आवेश मुक्ति मंत्र एक सरल किन्तु अत्यंत प्रभावशाली शांति मंत्र है। यह मन में उत्पन्न होने वाले क्रोध, तनाव, आवेश…
उपसर्गहर स्तोत्र जैन धर्म का एक अत्यंत पूजनीय और लोकप्रिय स्तोत्र है, जिसकी रचना आचार्य भद्रबाहु स्वामी द्वारा मानी जाती है…
यह जैन धर्म का एक पवित्र और प्रभावशाली मंत्र है। इसमें भगवान शांति नाथ, कुंथु नाथ, अरिष्टनेमि और पार्श्वनाथ का स्मरण किया…
यह ब्रह्मचर्य विकास मंत्र जैन धर्म में संयम और आत्मशुद्धि का महत्वपूर्ण संदेश देता है। इसमें बताया गया है कि ब्रह्मचर्य का…
यह मंत्र जैन धर्म में धर्म की सच्ची पहचान बताता है। इसमें अहिंसा, संयम और तप को सबसे श्रेष्ठ बताया गया है। यह हमें सिखाता है…
यह जाप सुबह-शाम 27 बार करना चाहिये। यह मंत्र जीवन के विघ्न, रोग और कष्टों को दूर करने तथा ग्रहों के अशुभ प्रभाव को शांत…
यह मंत्र श्रद्धावान लोगों के लिए महामंत्र का कार्य करता है। इसका सवा लाख जाप करने से अवश्य चमत्कार होता है। प्रारम्भ…
चइत्ता भारहं वासं – शान्तिस्तुति मंत्र जैन आगमिक परंपरा से जुड़ा हुआ एक भावपूर्ण स्तुतिवचन है। इसमें त्याग, वैराग्य और तपस्या का आदर्श भाव व्यक्त होता …
घंटाकर्ण महावीर स्तोत्र जैन परंपरा में श्रद्धा और आस्था का प्रतीक माना जाता है। यह स्तोत्र भय, रोग, बाधा और अनिष्ट से रक्षा की भावना से जपा जाता है। मान्यता है …