मंगल स्तोत्र – मंगलं भगवान् वीरो – अर्थ सहित (Mangal Stotra – Mangalam Bhagwan Veero – With Meaning)
Terapanth Sangh Bhajanमंगल स्तोत्र एक पवित्र और प्रेरणादायक स्तुति है, जिसमें भगवान महावीर, गणधर गौतम स्वामी, आचार्य भिक्षु तथा तेरापंथ परंपरा के…
मंगल स्तोत्र एक पवित्र और प्रेरणादायक स्तुति है, जिसमें भगवान महावीर, गणधर गौतम स्वामी, आचार्य भिक्षु तथा तेरापंथ परंपरा के…
‘विघ्न हरण – अ.भी.रा.शि.को. उदारी हो’ श्रीमद् जयाचार्य द्वारा रचित एक श्रद्धामय स्तवन है। यह तेरापंथ धर्मसंघ के पाँच महान तपस्वी…
यह गीत तेरापंथ धर्मसंघ के अधिदेवता, उसकी गौरवशाली परंपरा और आध्यात्मिक शक्ति का भावपूर्ण स्तवन है। आचार्य श्री…
यह प्रेरणादायक गीत तेरापंथ धर्मसंघ के प्रति समर्पण, सेवा, त्याग और निष्ठा की भावना को व्यक्त करता है। इसमें धर्मसंघ को…
यह गीत तेरापंथ धर्मसंघ की मर्यादा, अनुशासन और गौरवशाली परंपरा का भावपूर्ण गुणगान करता है। इसमें आचार्य भिक्षु के त्याग…
यह प्रेरणादायक गीत तेरापंथ धर्मसंघ की मर्यादा, अनुशासन और आध्यात्मिक परंपरा का सुंदर परिचय देता है। इसमें…
यह गीत तेरापंथ संघ की महिमा, अनुशासन और एकता का सुंदर वर्णन करता है। इसमें संघ को मंदिर, तीर्थ और साधना का केंद्र बताया…
यह सुंदर भजन मुनि श्री चम्पक (भाईजी महाराज) द्वारा रचित है। इसमें गुरुदेव के प्रति गहरी श्रद्धा, कृतज्ञता और गौरव की भावना प्रकट होती …
यह “संघ गीत” जैन धर्म के पवित्र तेरापंथ धर्मसंघ की महिमा का सुंदर वर्णन करता है। इसमें संघ की एकता, अनुशासन, मर्यादा और गुरु-भक्ति की भावना …
यह प्रेरणादायक गीत आचार्य श्री तुलसी द्वारा रचित है। इसमें जैन शासन, संघ और मर्यादा की महिमा का सुंदर वर्णन किया गया है। गीत बताता है कि शासन एक …