तीर्थंकर महावीर – समता के दीप जला गये जी (Tirthankar Mahavir – Samta Ke Deep Jala Gaye Ji)
Mahavir Bhajanयह भजन भगवान महावीर स्वामी के समता, मैत्री, संयम और अहिंसा के संदेश को सरल शब्दों में प्रस्तुत करता है। इसमें बताया गया है…
यह भजन भगवान महावीर स्वामी के समता, मैत्री, संयम और अहिंसा के संदेश को सरल शब्दों में प्रस्तुत करता है। इसमें बताया गया है…
यह सुंदर भक्ति गीत श्री राकेश मुनि द्वारा रचित है। इसमें भगवान महावीर के ध्यान, आत्मज्ञान और संयमपूर्ण जीवन का संदेश दिया…
यह भक्ति गीत साध्वी राजीमतीजी द्वारा रचित है। इसमें भगवान महावीर के प्रति श्रद्धा, भक्ति और आत्मसमर्पण की भावना व्यक्त की…
यह सुंदर भक्ति आरती भगवान महावीर स्वामी की महिमा का वर्णन करती है। इसमें उनकी करुणा, अहिंसा, समता और उपकार भावना को…
यह सुंदर भजन प्रभु महावीर की महिमा, करुणा और महान जीवन का वर्णन करता है। इसमें उनके जन्म, तप, संयम और केवलज्ञान…
यह भजन भगवान महावीर के जन्म और उनके बाल रूप की मधुर लीलाओं का सुंदर वर्णन करता है। इसमें माता त्रिशला के लाल के…
यह भजन भगवान महावीर के नाम की महिमा और उसके प्रभाव को सरल भाषा में समझाता है। इसमें बताया गया है कि महावीर…
यह भजन भगवान महावीर की पावन जयंती के महत्व और उनकी शिक्षाओं की महिमा को सरल शब्दों में बताता है। इसमें बताया…
यह भजन भगवान महावीर की वंदना और उनके उपदेशों की महिमा का सरल वर्णन करता है। इसमें बताया गया है कि प्रभु ने…
यह भजन भगवान महावीर स्वामी के त्याग, तप, करुणा और समता के महान आदर्शों को श्रद्धापूर्वक स्मरण करता है। इसमें उनके संयममय जीवन, अहिंसा के …
यह भजन भगवान महावीर के मंगलमय नाम, जीवन और उपदेशों का भावपूर्ण गुणगान है। सरल शब्दों में रचित यह रचना हमें संयम, करुणा और आत्मशुद्धि के मार्ग …
यह रचना आचार्य श्री महाप्रज्ञ की गहन चिंतनशील वाणी को व्यक्त करती है। इसमें वर्तमान युग की हिंसा, भोगवाद, भय और करुणा के क्षय पर प्रश्न उठाए गए …
यह प्रेरक भक्ति गीत आचार्य श्री तुलसी द्वारा रचित है, जो भगवान महावीर के प्रति गहरी श्रद्धा और समर्पण को दर्शाता है। इस रचना के माध्यम से कवि हमें महावीर …
यह पावन आरती अंतिम जैन तीर्थंकर, भगवान महावीर की भक्ति में समर्पित है। इस स्तुति के माध्यम से भक्त प्रभु को अपने मन-रूपी मंदिर में पधारने का निमंत्रण …
यह महावीर भजन भक्त के मन में बसे भगवान महावीर स्वामी की निरंतर अनुभूति को सरल और भावपूर्ण शब्दों में व्यक्त करता है। इसमें उनके धैर्य, समता, तप, ध्यान …