यह भजन भगवान महावीर के नाम की महिमा और उसके प्रभाव को सरल भाषा में समझाता है। इसमें बताया गया है कि महावीर का नाम लेने से चेतना जागती है और जीवन के अज्ञान के ताले खुलते हैं। राग, द्वेष और वैर भाव से दूर होकर प्रेम, त्याग और शांति का मार्ग अपनाने की प्रेरणा दी गई है। यह भजन हमें आत्मिक जागृति की ओर बढ़ने का संदेश देता है।
महावीर महावीर बोल भाइड़ा
🎶 लय – इक परदेसी मेरा दिल ले गया
महावीर महावीर बोल भाइड़ा,
चेतना रा बंद ताला खोल भाइड़ा।।
राग रीस में ही सारी ज़िन्दगी बिताई,
वीतराग भावना तो नैड़ी नहीं आई,
न्याय रे तराजू निज ने तोल भाइड़ा।।
लोक रे प्रवाह सागै बहतो ही जा रयो,
घात प्रतिघात सारा सहतो ही जा रयो,
भूलग्यो क्यूं मिनखा रो मोल भाइड़ा।।
वैर स्यूं हुवैला वैर भाव री बढ़ोतरी,
प्रेम स्यूं बहैला प्रेमवाली गंगोतरी,
त्याग दे विष नै अमी-रस घोल भाइड़ा।।
महावीर नाम जी री आतमा में रमग्यो,
विघ्न बाधावां रो बी रै खर खोज गमग्यो,
ई नाम रो आधार अनमोल भाइड़ा।।
महावीर नाम री अखंड जोत जाग री,
हिवड़े में आ ही लाग रात दिन लाग री,
“बुद्ध” रो सोभाग है सतोल भाइड़ा।।
यह भजन सिखाता है कि महावीर नाम में अपार शक्ति है। इसे अपनाने से मन शुद्ध और शांत होता है। अंत में, प्रेम और त्याग के मार्ग पर चलकर ही सच्चा सुख और आत्मिक आनंद मिलता है।
🙏जय जिनेंद्र🙏
