मंगलीक सरणां च्यार – हिग्दै धारीजे, हो भविजन! (Manglik Sarna Chyaar – Higdai Dharije, Ho Bhavijan!)
Tirthankar Bhajanयह मंगल पाठ चार पवित्र शरणों की महिमा बताता है—अरिहंत, सिद्ध, साधु और धर्म। कवि समझाते हैं कि इनका सच्चे मन से स्मरण…
यह मंगल पाठ चार पवित्र शरणों की महिमा बताता है—अरिहंत, सिद्ध, साधु और धर्म। कवि समझाते हैं कि इनका सच्चे मन से स्मरण…
यह स्तुति नवकार मंत्र की महिमा और पाँच परमेष्ठियों के गुणों का भाव बताती है। इसमें अरिहंत, सिद्ध, आचार्य, उपाध्याय और साधु…
यह बड़ी साधुवंदना अनेक तीर्थंकरों, गणधरों, मुनियों, साध्वियों और महान तपस्वियों के पवित्र जीवन का स्मरण कराती है…
यह सुंदर साधुवंदना हमें सच्चे साधु के महान गुणों का स्मरण कराती है। इसमें उनके पंच महाव्रत, जीव दया, संयम, ज्ञान, वैराग्य…
यह गीत स्वामीजी के जीवन, मर्यादा और तेरापंथ की गौरवमयी यात्रा का बहुत भावपूर्ण वर्णन करता है। इसमें उनके आगमन, समकित…
यह प्रेरक भजन हमें जीवन की सच्चाई बहुत सरल ढंग से समझाता है। जीवन का कोई भरोसा नहीं, इसलिए हमें अपने मन को साफ…
यह भजन हमें जीवन की सच्चाई बहुत सरल ढंग से समझाता है। हमारा शरीर मिट्टी से बना है और एक दिन मिट्टी में मिल जाएगा…
यह सुंदर गीत तेरापंथ धर्मसंघ की महिमा, मर्यादा, त्याग और एकता का सरल वर्णन करता है। इसमें संतों के बलिदान, गुरु आज्ञा…
यह रचना तपस्या की शक्ति और महत्व को बताती है। इसमें कहा गया है कि तप से आत्मबल बढ़ता है, कर्मों का प्रभाव कम होता है…
यह रचना तपस्या के महत्व और उसकी शक्ति को सरल रूप में समझाती है। इसमें बताया गया है कि तप जीवन का आधार है…