लोगस्स पाठ – लोगस्स उज्जोयगरे – अर्थ सहित (Logassa Paath – Logassa Ujjoyagare – With Meaning)
Jain Prarthanaलोगस्स पाठ जैन धर्म की अत्यंत पूज्य और प्रभावशाली स्तुति है। इसमें चौबीस तीर्थंकर भगवानों के गुणों का स्मरण, वंदन और स्तवन किया गया है।…
लोगस्स पाठ जैन धर्म की अत्यंत पूज्य और प्रभावशाली स्तुति है। इसमें चौबीस तीर्थंकर भगवानों के गुणों का स्मरण, वंदन और स्तवन किया गया है।…
सामायिक व्रत के दौरान यदि मन, वचन या काया से कोई भी सावद्य प्रवृत्ति हो जाए, नियमों में शिथिलता आ जाए या अवधि का उल्लंघन हो जाए, तो उसकी …
सामायिक जैन धर्म की एक महत्त्वपूर्ण आध्यात्मिक क्रिया है, जिसमें साधक समभाव में स्थित होकर हिंसा, असत्य, चोरी, कुशील और परिग्रह से विरत होने का संकल्प …
यह सांयकालीन गुरु वंदना जैन परंपरा में गुरु के प्रति कृतज्ञता, श्रद्धा और समर्पण की भावपूर्ण अभिव्यक्ति है। इस वंदना में गुरु को युग-प्रणेता, युग-प्रचेता और …
जीवन-धन तुम जीवन-दाता एक भावपूर्ण आचार्य वंदना है, जिसमें जैन आचार्य के त्याग, तप, तेज और करुणा का श्रद्धापूर्वक गुणगान किया गया है। यह वंदना श्रमण …
तिक्खुत्तो आयाहिणं – गुरु वंदना पाठ, जैन परंपरा का एक अत्यंत श्रद्धापूर्ण और महत्वपूर्ण पाठ है। इस पाठ में गुरु के प्रति तीन बार प्रदक्षिणा, वंदना, नमस्कार …
चत्तारि मंगल पाठ – जैन धर्म की एक प्रसिद्ध और श्रद्धापूर्ण प्रार्थना है। यह पाठ चार मंगल रूपों का स्मरण कराता है, जिनसे जीवन में सही दिशा और …