सामायिक आलोचना पाठ – अर्थ सहित (Samayik Aalochana Paath – With Meaning)
Jain Prarthanaसामायिक व्रत के दौरान यदि मन, वचन या काया से कोई भी सावद्य प्रवृत्ति हो जाए, नियमों में शिथिलता आ जाए या अवधि का उल्लंघन हो जाए, तो उसकी …
सामायिक व्रत के दौरान यदि मन, वचन या काया से कोई भी सावद्य प्रवृत्ति हो जाए, नियमों में शिथिलता आ जाए या अवधि का उल्लंघन हो जाए, तो उसकी …
सामायिक जैन धर्म की एक महत्त्वपूर्ण आध्यात्मिक क्रिया है, जिसमें साधक समभाव में स्थित होकर हिंसा, असत्य, चोरी, कुशील और परिग्रह से विरत होने का संकल्प …
यह सांयकालीन गुरु वंदना जैन परंपरा में गुरु के प्रति कृतज्ञता, श्रद्धा और समर्पण की भावपूर्ण अभिव्यक्ति है। इस वंदना में गुरु को युग-प्रणेता, युग-प्रचेता और …
जीवन-धन तुम जीवन-दाता एक भावपूर्ण आचार्य वंदना है, जिसमें जैन आचार्य के त्याग, तप, तेज और करुणा का श्रद्धापूर्वक गुणगान किया गया है। यह वंदना श्रमण …
तिक्खुत्तो आयाहिणं – गुरु वंदना पाठ, जैन परंपरा का एक अत्यंत श्रद्धापूर्ण और महत्वपूर्ण पाठ है। इस पाठ में गुरु के प्रति तीन बार प्रदक्षिणा, वंदना, नमस्कार …
चत्तारि मंगल पाठ – जैन धर्म की एक प्रसिद्ध और श्रद्धापूर्ण प्रार्थना है। यह पाठ चार मंगल रूपों का स्मरण कराता है, जिनसे जीवन में सही दिशा और …