यह सुंदर भक्ति आरती भगवान महावीर स्वामी की महिमा का वर्णन करती है। इसमें उनकी करुणा, अहिंसा, समता और उपकार भावना को सरल शब्दों में बताया गया है। आरती में भक्त भगवान से अपने दुःख दूर करने और सही मार्ग दिखाने की प्रार्थना करते हैं। भगवान महावीर ने अपने जीवन से संसार को सत्य, दया और शांति का संदेश दिया।
ॐ जय त्रिशलानन्दन! स्वामी जय त्रिशलानन्दन!
🎶 लय – आरती
✍🏻 रचयिता – साध्वी राजीमतीजी
ॐ जय त्रिशलानन्दन!
स्वामी जय त्रिशलानन्दन!
करुणा दृष्टि निहारो, तोड़ो भव बन्धन।।
श्रद्धा विनय भक्ति से, करते हम वंदन।
तारो पार उतारो, हे! भव-दुःख भंजन।।
जनमें सुद तेरस को, तुम क्षत्रियपुर में।
छिम-छिम बाजी, झालर घर-घर में।।
त्रिशला लाल दुलारे, ज्ञात वंश प्यारे।
यौवन में संन्यासी, जय जग उजियारे।।
विघ्न विनाशक स्वामी, भूत प्रेत हारी।
संकट कष्ट कटे सब, तुम हो उपकारी।।
‘चण्डनाग’ का तुमने, बेड़ा पार किया।
‘अर्जुनमाली’ जैसे नर को तार दिया।।
सत्य, अहिंसा, समता, तत्त्व दिया तुमने।
शिव सुख वह पाएगा, धार लिया जिसने।।
करें आरती तेरी, दिल दीपक द्वारा।
मुख-मुख गूंज रहा है, वीर नाम प्यारा।।
यह आरती भगवान महावीर स्वामी के प्रति प्रेम, श्रद्धा और भक्ति प्रकट करती है। उनके बताए सत्य, अहिंसा और समता के मार्ग पर चलकर मनुष्य जीवन को शांति और मोक्ष की ओर ले जा सकता है।
🙏जय जिनेंद्र🙏
