दीपानंद भीखण जी पधारो (Deepanand Bhikhan Ji Padharo)
Acharya Bhikshu Bhajanयह भजन आचार्य श्री भिक्षु स्वामी (भीखण जी) की वंदना और उनके पावन आगमन की भावना को व्यक्त करता है। इसमें भक्तों की श्रद्धा, उत्साह और दर्शन की …
यह भजन आचार्य श्री भिक्षु स्वामी (भीखण जी) की वंदना और उनके पावन आगमन की भावना को व्यक्त करता है। इसमें भक्तों की श्रद्धा, उत्साह और दर्शन की …
यह भजन आचार्य श्री भिक्षु स्वामी के प्रति गहन श्रद्धा, भक्ति और त्याग की भावना को सरल शब्दों में प्रकट करता है। पणिहारी की लोकलय पर रचित यह गीत …
यह भजन भिक्षु स्वामीजी की दिव्य समाधि, त्याग, तप और आत्मिक प्रभाव का भावपूर्ण वर्णन करता है। इसकी पंक्तियों में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक जागरण की …
यह भजन तेरापंथ परंपरा की प्रेरणादायक रचना है। इसमें आचार्य भीखण जी के त्याग, तप, बलिदान और शासनोत्थान का भावपूर्ण वर्णन मिलता है। भजन श्रद्धा …
यह भजन भिक्षु नाम की महिमा को सरल और भावपूर्ण शब्दों में व्यक्त करता है। इसमें सुबह उठकर भिक्षु-भिक्षु नाम का स्मरण करने की प्रेरणा दी गई है, जिससे …
यह भजन श्रद्धा और भक्ति से भरा हुआ है, जिसमें भक्त अपने हृदय के आँगन में भिक्षु स्वामी का सादर आमंत्रण करता है। सरल राजस्थानी भावों में रचा गया यह गीत …
यह भजन आत्मिक अनुभूति और प्रभु-स्मरण की गहराई को सरल शब्दों में व्यक्त करता है। इसमें बताया गया है कि कैसे प्रभु का नाम और उनकी …
यह महावीर भजन भक्त के मन में बसे भगवान महावीर स्वामी की निरंतर अनुभूति को सरल और भावपूर्ण शब्दों में व्यक्त करता है। इसमें उनके धैर्य, समता, तप, ध्यान …
यह भजन भगवान महावीर स्वामी की महानता, करुणा और उपदेशों को सरल शब्दों में प्रस्तुत करता है। इसमें बताया गया है कि कैसे महावीर की शरण में आने से …
चइत्ता भारहं वासं – शान्तिस्तुति मंत्र जैन आगमिक परंपरा से जुड़ा हुआ एक भावपूर्ण स्तुतिवचन है। इसमें त्याग, वैराग्य और तपस्या का आदर्श भाव व्यक्त होता …
घंटाकर्ण महावीर स्तोत्र जैन परंपरा में श्रद्धा और आस्था का प्रतीक माना जाता है। यह स्तोत्र भय, रोग, बाधा और अनिष्ट से रक्षा की भावना से जपा जाता है। मान्यता है …
सामायिक व्रत के दौरान यदि मन, वचन या काया से कोई भी सावद्य प्रवृत्ति हो जाए, नियमों में शिथिलता आ जाए या अवधि का उल्लंघन हो जाए, तो उसकी …
सामायिक जैन धर्म की एक महत्त्वपूर्ण आध्यात्मिक क्रिया है, जिसमें साधक समभाव में स्थित होकर हिंसा, असत्य, चोरी, कुशील और परिग्रह से विरत होने का संकल्प …
यह सांयकालीन गुरु वंदना जैन परंपरा में गुरु के प्रति कृतज्ञता, श्रद्धा और समर्पण की भावपूर्ण अभिव्यक्ति है। इस वंदना में गुरु को युग-प्रणेता, युग-प्रचेता और …
जीवन-धन तुम जीवन-दाता एक भावपूर्ण आचार्य वंदना है, जिसमें जैन आचार्य के त्याग, तप, तेज और करुणा का श्रद्धापूर्वक गुणगान किया गया है। यह वंदना श्रमण …