म्हारो अभिवादन स्वीकारो (Mharo Abhivadan Swikaro)
Panch Parmeshthi Bhajanयह रचना उपाध्याय परमेष्ठी के प्रति श्रद्धा, विनय और कृतज्ञता के भाव से अभिसिंचित है। आचार्य श्री तुलसीजी ने इसमें उपाध्यायजी के ज्ञान-प्रकाश, आगम-सेवा और …
यह रचना उपाध्याय परमेष्ठी के प्रति श्रद्धा, विनय और कृतज्ञता के भाव से अभिसिंचित है। आचार्य श्री तुलसीजी ने इसमें उपाध्यायजी के ज्ञान-प्रकाश, आगम-सेवा और …
यह भजन आचार्य श्री तुलसी द्वारा रचित एक करुण भाव से भरा आध्यात्मिक पद है। इसमें जीवात्मा की असहाय अवस्था और संसार-रूपी भवसागर से पार होने की …
“देवो देवो जी डगर वर” एक भावपूर्ण जैन स्तवन है, जिसकी रचना आचार्य श्री तुलसी ने की है। इस स्तवन में भक्त सिद्ध-नगर की ओर जाने वाले मार्ग का रहस्य …
यह सुप्रसिद्ध जैन संत आचार्य तुलसी द्वारा रचित एक अत्यंत भावपूर्ण और विनम्र प्रार्थना है। इस भक्ति रचना में भक्त अपने आराध्य (प्रभु) को अपने मन रूपी …
यह प्रेरक भक्ति गीत आचार्य श्री तुलसी द्वारा रचित है, जो भगवान महावीर के प्रति गहरी श्रद्धा और समर्पण को दर्शाता है। इस रचना के माध्यम से कवि हमें महावीर …
यह भक्तिपूर्ण रचना आचार्य श्री तुलसी द्वारा रचित है, जो जैन धर्म के 23 वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ के प्रति उनकी अगाध श्रद्धा को दर्शाती है। इस स्तुति में कवि …
यह सुप्रसिद्ध जैन भजन आचार्य श्री तुलसी द्वारा रचित है, जो ‘जैन शासन’ के पंच परमेष्ठी (अरहंत, सिद्ध, आचार्य, उपाध्याय और साधू) को समर्पित है। ‘मैं ढूँढ फिरी …
यह सुप्रसिद्ध जैन भजन आचार्य श्री तुलसी द्वारा रचित है। इसमें बहुत ही सुंदर और सरल भाषा में जैन धर्म के पावन प्रतीकों की वंदना की गई है। इस रचना में 24 …
यह भक्ति रचना आचार्य श्री तुलसी द्वारा रचित एक पावन वंदना है, जो जैन धर्म के सर्वोपरि ‘णमोकार महामंत्र’ पर आधारित है। इसमें पंच परमेष्ठी (अरहंत, सिद्ध …
यह सुंदर कविता तपस्या की महिमा को समर्पित है। इसमें एक तपस्वी (तपसण) के कठिन संकल्प और उनकी आध्यात्मिक शक्ति का गुणगान किया गया है …