स्वामीजी! थांरै चरणां री, बलिहारी जावां हां (Swamiji! Thare Charna Ri, Balihari Java Ha)
Acharya Bhikshu Bhajanयह भजन जैन तेरापंथ के प्रथम आचार्य श्री भिक्षु स्वामीजी के चरणों में गहरी श्रद्धा और भक्ति का सुंदर भाव प्रकट करता है…
यह भजन जैन तेरापंथ के प्रथम आचार्य श्री भिक्षु स्वामीजी के चरणों में गहरी श्रद्धा और भक्ति का सुंदर भाव प्रकट करता है…
यह सुंदर भजन मुनि बुद्धमल्ल जी द्वारा रचित है। इसमें स्वामीजी के नाम और उनके महान जीवन का भावपूर्ण वर्णन किया गया है…
यह भक्ति-भाव से भरा हुआ सुंदर भजन मुनि बुद्धमल्ल जी द्वारा रचित है। इसमें स्वामीजी के नाम और उनके आदर्श जीवन की महिमा…
यह प्रेरणादायक भजन मर्यादा, अनुशासन और आस्था की महिमा को सरल शब्दों में व्यक्त करता है। इसमें जैन तेरापंथ धर्मसंघ की …
यह भजन आचार्य श्री तुलसी द्वारा रचित है, जिसमें स्वामी भीखणजी (आचार्य भिक्षु) के महान जीवन, आदर्शों और तेरापंथ धर्म के उज्ज्वल…
यह भजन “गुरुदेव! थांरी खिण-खिण याद सतावे, आर्यदेव!” आचार्य श्री तुलसी द्वारा रचित एक भावपूर्ण स्तुति है। इसमें गुरुदेव …
यह सुंदर भजन आचार्य श्री तुलसी द्वारा रचित है। इसमें तेरापंथ धर्मसंघ के आदर्श, मर्यादा और अनुशासन की महिमा का वर्णन किया …
यह भजन आचार्य श्री तुलसी द्वारा रचित है। इसमें आचार्य श्री भिक्षु (स्वामी भीखणजी) के महान जीवन, तप, त्याग और उनके …
यह भजन “ॐ भिक्षु जपे, जय भिक्षु जपे” आचार्य भिक्षु की महिमा, उनके आदर्शों और उनके द्वारा दिए गए सत्य मार्ग का सुंदर स्मरण…
यह भजन आचार्य आचार्य भिक्षु की महानता, तपस्या और उनके द्वारा स्थापित मर्यादाओं का गुणगान करता है। इसमें बताया गया है …
यह भजन “भज मन भिखू-स्याम” प्रभु भिखू-स्याम के पवित्र नाम की महिमा का वर्णन करता है। इसमें बताया गया है कि उनका नाम …
यह भजन आचार्य भिक्षु स्वामी की महिमा और उनके प्रति अटूट श्रद्धा को प्रकट करता है। इसमें भक्त अपने हृदय की भावना व्यक्त …
यह भजन भीखण बाबा की महिमा और श्रद्धा को प्रकट करता है। इसमें भक्त अपने हृदय की भावनाएँ सरल शब्दों में व्यक्त करता है …
यह भजन प्रभु से करुण पुकार है। भक्त अपने अंतर की गहरी प्यास व्यक्त करता है और भगवान से शीघ्र पधारने की विनती करता है …
यह भजन आचार्य भिक्षु के पावन व्यक्तित्व और उनके महान त्याग को समर्पित है। इसमें उनके नाम की मधुरता को इक्षु रस से तुलना की …