प्रभु पार्श्व देव चरणों में (Prabhu Parshv Dev Charano Mein)
Parshavanath Bhajanयह भक्तिपूर्ण रचना आचार्य श्री तुलसी द्वारा रचित है, जो जैन धर्म के 23 वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ के प्रति उनकी अगाध श्रद्धा को दर्शाती है। इस स्तुति में कवि …
यह भक्तिपूर्ण रचना आचार्य श्री तुलसी द्वारा रचित है, जो जैन धर्म के 23 वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ के प्रति उनकी अगाध श्रद्धा को दर्शाती है। इस स्तुति में कवि …
यह सुप्रसिद्ध जैन भजन आचार्य श्री तुलसी द्वारा रचित है, जो ‘जैन शासन’ के पंच परमेष्ठी (अरहंत, सिद्ध, आचार्य, उपाध्याय और साधू) को समर्पित है। ‘मैं ढूँढ फिरी …
यह सुप्रसिद्ध जैन भजन आचार्य श्री तुलसी द्वारा रचित है। इसमें बहुत ही सुंदर और सरल भाषा में जैन धर्म के पावन प्रतीकों की वंदना की गई है। इस रचना में 24 …
यह भक्ति रचना आचार्य श्री तुलसी द्वारा रचित एक पावन वंदना है, जो जैन धर्म के सर्वोपरि ‘णमोकार महामंत्र’ पर आधारित है। इसमें पंच परमेष्ठी (अरहंत, सिद्ध …
यह सुंदर कविता तपस्या की महिमा को समर्पित है। इसमें एक तपस्वी (तपसण) के कठिन संकल्प और उनकी आध्यात्मिक शक्ति का गुणगान किया गया है …
यह सुप्रसिद्ध भजन मुनि श्री कन्हैयालाल जी ‘कमल’ द्वारा रचित है, जो तप (तपस्या) की महिमा और शक्ति का सुंदर बखान करता है। राजस्थानी पुट वाली इस रचना …
यह गीत गृह प्रवेश के मांगलिक अवसर के लिए एक अत्यंत सुंदर और भक्तिपूर्ण रचना है। इसमें भगवान महावीर, पार्श्वनाथ और गुरुजनों को श्रद्धापूर्वक अपने …
यह पावन आरती अंतिम जैन तीर्थंकर, भगवान महावीर की भक्ति में समर्पित है। इस स्तुति के माध्यम से भक्त प्रभु को अपने मन-रूपी मंदिर में पधारने का निमंत्रण …
श्वेतांबर तेरापंथ जैन धर्म की एक प्रमुख परंपरा है। इसकी स्थापना आचार्य भिक्षु ने 1760 में की थी। तेरापंथ अनुशासन, आचार-संहिता और एक आचार्य की …
यह भजन तेरापंथ धर्मसंघ के आद्य प्रवर्तक बाबा भिक्षु स्वामी के त्याग, तप और आध्यात्मिक तेज को समर्पित है। तेरस री है रात के पावन अवसर पर रचित यह …
यह भजन आचार्य श्री भिक्षु स्वामी (भीखण जी) की वंदना और उनके पावन आगमन की भावना को व्यक्त करता है। इसमें भक्तों की श्रद्धा, उत्साह और दर्शन की …
यह भजन आचार्य श्री भिक्षु स्वामी के प्रति गहन श्रद्धा, भक्ति और त्याग की भावना को सरल शब्दों में प्रकट करता है। पणिहारी की लोकलय पर रचित यह गीत …
यह भजन भिक्षु स्वामीजी की दिव्य समाधि, त्याग, तप और आत्मिक प्रभाव का भावपूर्ण वर्णन करता है। इसकी पंक्तियों में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक जागरण की …
यह भजन तेरापंथ परंपरा की प्रेरणादायक रचना है। इसमें आचार्य भीखण जी के त्याग, तप, बलिदान और शासनोत्थान का भावपूर्ण वर्णन मिलता है। भजन श्रद्धा …
यह भजन भिक्षु नाम की महिमा को सरल और भावपूर्ण शब्दों में व्यक्त करता है। इसमें सुबह उठकर भिक्षु-भिक्षु नाम का स्मरण करने की प्रेरणा दी गई है, जिससे …