अहो प्रभु! तुम ही दायक शिव-पंथ ना (Aho Prabhu! Tum Hi Dayak Shiv-Panth Na)
Panch Parmeshthi Bhajanयह भक्ति-भाव से भरा सुंदर स्तवन “अहो प्रभु! तुम ही दायक शिव-पंथ ना” भगवान जिनेश्वर की महिमा का वर्णन करता है। इसमें भक्त…
यह भक्ति-भाव से भरा सुंदर स्तवन “अहो प्रभु! तुम ही दायक शिव-पंथ ना” भगवान जिनेश्वर की महिमा का वर्णन करता है। इसमें भक्त…
यह भक्ति गीत सुबह उठकर शुद्ध मन से परमेष्ठी का ध्यान करने की प्रेरणा देता है। इसमें देव, गुरु और जिन धर्म की शरण लेकर जीवन
यह सुंदर भजन नवकार महामंत्र की महिमा को सरल शब्दों में समझाता है। इसमें बताया गया है कि हमें प्रतिदिन नवकार मंत्र का…
यह भजन “उगी सुनहली भोर णमो गुरुदेवाणं” बहुत सुंदर और भावपूर्ण रचना है। इसकी रचयिता साध्वी सिद्धप्रज्ञा जी हैं। इसमें…
यह आरती “ॐ जय भिक्षु स्वामी” आचार्य श्री भिक्षु स्वामी की महिमा का सरल और सुंदर वर्णन करती है। इसके रचयिता मुनि कन्हैयालाल…
यह भजन “बाबै रो नाम बड़ो है प्यारो” गहरी श्रद्धा और भक्ति से भरा हुआ है। इस भजन की रचना मुनि विजयकुमार जी ने की है।…
यह भजन “एक बार आओ म्हारा सांवरिया स्वामीजी” गहरी भक्ति और प्रेम से भरा हुआ है। इस भजन की रचना मुनि सुमतिकुमार जी…
यह भजन “स्वाम भिक्षु रो नाम जग में जयकारी” जैन तेरापंथ के प्रथम आचार्य आचार्य भिक्षु की महिमा का सुंदर वर्णन करता है…
यह भक्ति गीत साध्वी जिनप्रभा जी द्वारा रचित है। इसमें आचार्य भिक्षु के पवित्र नाम और उनके महान गुणों का सुंदर वर्णन किया गया है…
यह भक्ति गीत मुनि श्री मोहजीत कुमार जी द्वारा रचित है। इसमें आचार्य भिक्षु के प्रति गहरी श्रद्धा, भक्ति और समर्पण प्रकट किया गया…