आरती – जय महावीर भगवान (Aarti – Jai Mahavir Bhagwan)
Jain Aarti, Mahavir Bhajanयह पावन आरती अंतिम जैन तीर्थंकर, भगवान महावीर की भक्ति में समर्पित है। इस स्तुति के माध्यम से भक्त प्रभु को अपने मन-रूपी मंदिर में पधारने का निमंत्रण …
यह पावन आरती अंतिम जैन तीर्थंकर, भगवान महावीर की भक्ति में समर्पित है। इस स्तुति के माध्यम से भक्त प्रभु को अपने मन-रूपी मंदिर में पधारने का निमंत्रण …
श्वेतांबर तेरापंथ जैन धर्म की एक प्रमुख परंपरा है। इसकी स्थापना आचार्य भिक्षु ने 1760 में की थी। तेरापंथ अनुशासन, आचार-संहिता और एक आचार्य की …
यह भजन तेरापंथ धर्मसंघ के आद्य प्रवर्तक बाबा भिक्षु स्वामी के त्याग, तप और आध्यात्मिक तेज को समर्पित है। तेरस री है रात के पावन अवसर पर रचित यह …
यह भजन आचार्य श्री भिक्षु स्वामी (भीखण जी) की वंदना और उनके पावन आगमन की भावना को व्यक्त करता है। इसमें भक्तों की श्रद्धा, उत्साह और दर्शन की …
यह भजन आचार्य श्री भिक्षु स्वामी के प्रति गहन श्रद्धा, भक्ति और त्याग की भावना को सरल शब्दों में प्रकट करता है। पणिहारी की लोकलय पर रचित यह गीत …
यह भजन भिक्षु स्वामीजी की दिव्य समाधि, त्याग, तप और आत्मिक प्रभाव का भावपूर्ण वर्णन करता है। इसकी पंक्तियों में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक जागरण की …
यह भजन तेरापंथ परंपरा की प्रेरणादायक रचना है। इसमें आचार्य भीखण जी के त्याग, तप, बलिदान और शासनोत्थान का भावपूर्ण वर्णन मिलता है। भजन श्रद्धा …
यह भजन भिक्षु नाम की महिमा को सरल और भावपूर्ण शब्दों में व्यक्त करता है। इसमें सुबह उठकर भिक्षु-भिक्षु नाम का स्मरण करने की प्रेरणा दी गई है, जिससे …
यह भजन श्रद्धा और भक्ति से भरा हुआ है, जिसमें भक्त अपने हृदय के आँगन में भिक्षु स्वामी का सादर आमंत्रण करता है। सरल राजस्थानी भावों में रचा गया यह गीत …
यह भजन आत्मिक अनुभूति और प्रभु-स्मरण की गहराई को सरल शब्दों में व्यक्त करता है। इसमें बताया गया है कि कैसे प्रभु का नाम और उनकी …
यह महावीर भजन भक्त के मन में बसे भगवान महावीर स्वामी की निरंतर अनुभूति को सरल और भावपूर्ण शब्दों में व्यक्त करता है। इसमें उनके धैर्य, समता, तप, ध्यान …
यह भजन भगवान महावीर स्वामी की महानता, करुणा और उपदेशों को सरल शब्दों में प्रस्तुत करता है। इसमें बताया गया है कि कैसे महावीर की शरण में आने से …