जो कुछ भी पाप हुआ मुझसे मिच्छा मि दुक्कडं लेता हूं (Jo Kuchh Bhi Paap Hua Mujhse Michchha Mi Dukkadam Leta Hoon)
Jain Updesh Geetयह भावपूर्ण गीत आत्मचिंतन, पश्चाताप और क्षमायाचना की भावना को व्यक्त करता है। इसमें साधक अपने ज्ञात-अज्ञात पापों, भूलों…










