वदना रो लाल म्हानै प्यारो प्यारो लागे रे  (Vadna Ro Laal Mhaane Pyaro Pyaro Laage Re)

यह भजन पूज्य वदना रो लाल के प्रति प्रेम, श्रद्धा और सम्मान का सुंदर गीत है। इसमें उनके उज्ज्वल व्यक्तित्व, धर्म सेवा, तप, त्याग और लोककल्याण के कार्यों का सरल शब्दों में गुणगान किया गया है। यह रचना बताती है कि उनके आदर्श जीवन से समाज को नई दिशा, प्रेरणा और आध्यात्मिक प्रकाश मिला। यह भजन भक्ति और श्रद्धा की मधुर अभिव्यक्ति है। 

 

वदना रो लाल म्हानै प्यारो प्यारो लागे रे

🎶 लय – बाबै रो नाम 

 

वदना रो लाल म्हानै प्यारो, प्यारो लागे रे 

प्यारो लागे रे, मनहारो लागै रे. ..।।

 

झूमर कुल रो है उजियारो, 

मंगलमय आंरो उणियारो, लागै रे… 

वदना रो लाल म्हानै प्यारो, प्यारो लागे रे।।

 

वीर प्रभु रो शासण-शिखरां चढायो, 

शासण गगन में ध्रुव तारो, लागै रे… 

वदना रो लाल म्हानै प्यारो, प्यारो लागे रे।।

 

अजब-गजब री थांरी पुन्याई, 

कलयुग में सतयुग सो नजारो, लागै रे… 

वदना रो लाल म्हानै प्यारो, प्यारो लागे रे।।

 

अणुव्रत प्रेक्षा री थे अलख जगाई, 

भव – जल स्यूं पार किनारो, लागै रे… 

वदना रो लाल म्हानै प्यारो, प्यारो लागे रे।।

 

युग-युग तप-तपो शासण देवता, 

चम्पक रो भ्रात मोहनगारो, लागै रे… 

वदना रो लाल म्हानै प्यारो, प्यारो लागे रे।।

 

यह भजन हमें संतों के आदर्श जीवन से प्रेरणा लेकर धर्म, सेवा, संयम और सदाचार के मार्ग पर चलने का संदेश देता है। श्रद्धा से गाया जाने वाला यह गीत मन में भक्ति और उत्साह जगाता है।

🙏जय जिनेंद्र🙏