चित्त में बसिया रे श्री तुलसी गुरुराज (Chitt Mein Basiya Re Shri Tulsi Gururaj)
Acharya Tulsi Bhajanयह भजन आचार्यश्री महाश्रमणजी द्वारा रचित है। इसमें आचार्य श्री तुलसी के प्रति गहरी श्रद्धा, प्रेम और कृतज्ञता व्यक्त की गई है। भजन…
यह भजन आचार्यश्री महाश्रमणजी द्वारा रचित है। इसमें आचार्य श्री तुलसी के प्रति गहरी श्रद्धा, प्रेम और कृतज्ञता व्यक्त की गई है। भजन…
यह सोलह सती स्तवन मुनि उदय रतन जी द्वारा रचित एक भक्तिमय स्तुति है। इसमें जैन धर्म की सोलह महान सती महिलाओं के पवित्र…
यह भक्ति-भरा भजन साध्वी जतनकुमारीजी द्वारा रचित है। इसमें प्रातःकाल उठकर प्रभु का स्मरण करने की प्रेरणा दी गई है। भजन में चौबीस…
यह भजन भगवान महावीर सहित चौबीस तीर्थंकरों, पंच परमेष्ठी, गणधरों, आचार्यों तथा महान सती नारियों के गुणों का स्मरण कराता है…
यह भजन अरिहंत प्रभु, भगवंत और त्यागी गुरुओं की महिमा का सुंदर वर्णन करता है। इसमें उनकी समता, धैर्य, ज्ञान, तप और करुणा को
यह भजन चौबीस तीर्थंकर भगवानों की महिमा और वंदना का सुंदर गीत है। इसमें प्रत्येक तीर्थंकर के गुणों का स्मरण करते हुए उनसे आत्मकल्याण…
यह भजन तीर्थंकर भगवान और जैन धर्मसंघ की महिमा का सुंदर वर्णन करता है। इसमें अर्हत्, सिद्ध, आचार्य, उपाध्याय और मुनि—इन पंच…
यह स्तवन भगवान पद्मप्रभु की महिमा और गुणों का सुंदर वर्णन करता है। इसमें प्रभु की निर्लेपता, संयम, शुक्ल ध्यान और केवलज्ञान की प्राप्ति
यह स्तवन श्रीमज्जयाचार्य द्वारा रचित भगवान अजितनाथ की भावपूर्ण वंदना है। इसमें प्रभु को सच्चा आश्रय, दुःखों का नाश करने वाला और मोक्षमार्ग…
यह भजन आचार्यश्री तुलसी द्वारा रचित एक सुंदर प्रार्थना है। इसमें भगवान की शरण ग्रहण करने, मन को शुद्ध बनाने और धर्ममार्ग पर चलने की…