मंगल स्तोत्र – मंगलं भगवान् वीरो – अर्थ सहित (Mangal Stotra – Mangalam Bhagwan Veero – With Meaning)

मंगल स्तोत्र एक पवित्र और प्रेरणादायक स्तुति है, जिसमें भगवान महावीर, गणधर गौतम स्वामी, आचार्य भिक्षु तथा तेरापंथ परंपरा के महान आचार्यों का स्मरण किया गया है। यह स्तोत्र जीवन में मंगल, शांति, सद्बुद्धि और आध्यात्मिक उन्नति की भावना जागृत करता है। इसके पाठ से आत्मविश्वास का विकास होता है तथा मन में सकारात्मकता और कल्याणकारी भावों का संचार होता है। 

 

मंगल स्तोत्र

मंगलं भगवान् वीरो, 

मंगलं गौतमो गणी। 

मंगलं स्थूलिभद्राद्याः, 

जैनधर्मोऽस्तु मंगलम्।। 

 

मंगलं मतिमान् भिक्षुः, 

मंगलं भारमल्लकः, 

मंगलं रायचन्द्राद्याः, 

मंगलं तुलसी गुरुः।

महाप्रज्ञोऽस्तु मंगलं, 

महाश्रमणोऽस्तु मंगलम्, 

तेरापन्थोऽस्तु मंगलम्।।

 

विघ्नहरण मंगल करण, 

स्वाम भिक्षु नो नाम। 

गुण ओळख सुमिरण कियां, 

सरै अचिंत्या काम।।

मंगल स्तोत्र का अर्थ (Hindi & English Meaning)

मंगलं भगवान् वीरो,

भगवान महावीर सभी के लिए मंगल और कल्याणकारी हैं।

Lord Mahavira is the source of auspiciousness and welfare for all.

 

मंगलं गौतमो गणी।

गणधर गौतम स्वामी भी मंगलमय हैं।

Gandhar Gautam Swami is also auspicious and blessed.

 

मंगलं स्थूलिभद्राद्याः,

स्थूलिभद्र आदि महान आचार्य और साधु मंगलकारी हैं।

Sthulibhadra and other great saints are auspicious and inspiring.

 

जैनधर्मोऽस्तु मंगलम्।।

जैन धर्म सभी के लिए मंगल और कल्याण का कारण बने।

May Jain Dharma bring auspiciousness and well-being to all.

 

मंगलं मतिमान् भिक्षुः,

आचार्य भिक्षु बुद्धिमान और मंगलकारी हैं।

Acharya Bhikshu is wise and auspicious.

 

मंगलं भारमल्लकः,

आचार्य भारमल भी मंगलमय हैं।

Acharya Bharmal is also a source of auspiciousness.

 

मंगलं रायचन्द्राद्याः,

आचार्य रायचंद और अन्य गुरुजन मंगलकारी हैं।

Acharya Raychand and other revered teachers are auspicious.

 

मंगलं तुलसी गुरुः।

गुरुदेव तुलसी सभी के लिए मंगलमय हैं।

Gurudev Tulsi is a source of blessings and welfare for all.

 

महाप्रज्ञोऽस्तु मंगलं,

आचार्य महाप्रज्ञ मंगल और कल्याण के प्रतीक हैं।

Acharya Mahapragya symbolizes auspiciousness and well-being.

 

महाश्रमणोऽस्तु मंगलम्,

आचार्य महाश्रमण मंगल और शांति के प्रेरक हैं।

Acharya Mahashraman inspires peace and auspiciousness.

 

तेरापन्थोऽस्तु मंगलम्।।

तेरापंथ धर्मसंघ सदैव मंगलमय रहे।

May the Terapanth order always remain auspicious and blessed.

 

विघ्नहरण मंगल करण,

वे विघ्नों को दूर करने वाले और मंगल करने वाले हैं।

He removes obstacles and brings auspiciousness.

 

स्वाम भिक्षु नो नाम।

यह आचार्य भिक्षु स्वामी का पावन नाम है।

This is the sacred name of Acharya Bhikshu Swami.

 

गुण ओळख सुमिरण कियां,

उनके गुणों को पहचानकर और स्मरण करके।

By recognizing and remembering his virtues.

 

सरै अचिंत्या काम।।

असंभव प्रतीत होने वाले कार्य भी सिद्ध हो जाते हैं।

Even seemingly impossible tasks are accomplished.

 

यह मंगल स्तोत्र हमें महान संतों के आदर्शों से जोड़ता है। श्रद्धापूर्वक इसके स्मरण और पाठ से मन में शांति, विश्वास, सद्भाव तथा मंगलमय जीवन जीने की प्रेरणा प्राप्त होती है। 

🙏जय जिनेंद्र🙏