यह भजन भगवान महावीर की वंदना और उनके उपदेशों की महिमा का सरल वर्णन करता है। इसमें बताया गया है कि प्रभु ने संसार को नया मार्ग दिखाया, जिससे अज्ञान का अंधकार दूर हुआ और हर जीव में जागृति आई। अहिंसा, स्यादवाद और करुणा के उनके सिद्धांतों ने लोगों के जीवन को पवित्र और शांत बनाया। भजन में नारी सम्मान और साधना की प्रेरणा भी दी गई है।
वंदना महावीर लो अभिवंदना
🎶 लय – दिल के अरमाँ आँसुओं में बह गए
वंदना महावीर लो अभिवंदना,
भक्ति से पल-पल करें अभ्यर्थना।।
देव! तुमने देन जग को दी नई,
रात में भी रोशनी सी हो गई।
जग उठी हर चेतना में स्पंदना।।
शांति का संदेश पावन जब दिया,
शुद्ध कितने पापियों को है किया।
बोलती हर आत्मा में साधना।।
तुमने नारी को दिया अवसर नया।
दिल में जागी अलौकिक करूणा दया।
सहारा पा तर गई सति चंदना।।
अंहिसा, स्यादवाद के सिद्धान्त से,
हो गये आकृष्ट जन उद्भ्रान्त से।
करें मुनि श्रेयांस नित आराधना।।
यह भजन सिखाता है कि भगवान महावीर के उपदेश जीवन को सही दिशा देते हैं। उनके बताए मार्ग पर चलकर मन शांत और पवित्र बनता है। अंत में, भक्ति और साधना से ही सच्चा सुख मिलता है।
🙏जय जिनेंद्र🙏
