“ॐ ह्रीं श्रीं” – सुख शांति मंत्र – अर्थ सहित (“Om Hrim Shrim” – Sukh Shanti Mantra – With Meaning)

यह जाप सुबह-शाम 27 बार करना चाहिये। यह मंत्र जीवन के विघ्न, रोग और कष्टों को दूर करने तथा ग्रहों के अशुभ प्रभाव को शांत करने की भावना से जुड़ा है, जिससे मानसिक शांति और संतुलन प्राप्त होता है।

 

सुख शांति मंत्र

ॐ ह्रीं श्रीं अ-सि-आ-उ-सा, 

सर्व-विघ्न रोगोपद्रव विनाशनाय, 

मम ग्रहशान्तिं कुरु कुरु स्वाहा।

 

Om Hrim Shrim A-Si-Aa-U-Sa,

Sarva Vighna Rogopadrav Vinashanaaya,

Mam Grah Shanti Kuru Kuru Swaha.

 

सुख शांति मंत्र का अर्थ (Meaning in Hindi & English)

“ॐ ह्रीं श्रीं अ-सि-आ-उ-सा,”

हिंदी: “ॐ ह्रीं श्रीं” ये पवित्र बीज मंत्र हैं, जो दिव्य ऊर्जा, शुद्धता और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक हैं। “अ-सि-आ-उ-सा” जैन धर्म के पंच परमेष्ठी (अरिहंत, सिद्ध, आचार्य, उपाध्याय, साधु) का संकेत है।

English:  These are sacred seed sounds representing divine energy, purity, and spiritual power. “A-Si-Aa-U-Sa” represents the five supreme beings in Jainism (Arihant, Siddha, Acharya, Upadhyaya, Sadhu).

 

“सर्व-विघ्न रोगोपद्रव विनाशनाय,” 

हिंदी: सभी बाधाओं (विघ्न), रोगों और कष्टों के नाश के लिए।

English: For the destruction of all obstacles (vighna), diseases, and suffering.

 

“मम ग्रहशान्तिं कुरु कुरु स्वाहा।” 

हिंदी: मेरे ग्रहों/जीवन में शांति स्थापित करो, कृपया इसे पूर्ण करो (समर्पण)। 

English: Bring peace to my planetary influences/life, please grant and fulfill this (offering/prayer).

 

🙏 जय जिनेंद्र 🙏