सांवरिये रो नाम लियां काम सरैला – रात री अन्धेरी में जो जाप करैला (Sanwariye Ro Naam Liya Kaam Sarela – Raat Ri Andheri Mein Jo Jaap Karela)

यह भक्ति-गीत “सांवरिये रो नाम लियां काम सरैला” साध्वी राजीमती जी की रचना है। इसमें भगवान सांवरिया के नाम-स्मरण की महिमा को सरल शब्दों में बताया गया है। गीत समझाता है कि सच्चे मन से भगवान का नाम लेने से भय दूर होता है और जीवन के कष्ट हल्के हो जाते हैं। श्रद्धा और विश्वास रखने वाला भक्त हर कठिनाई को पार कर लेता है।

 

सांवरिये रो नाम लियां काम सरैला - रात री अन्धेरी में जो जाप करैला

🎶 लय – एक परदेसी मेरा दिल ले गया 

✍🏻 रचयिता – साध्वी राजीमती जी

 

रात री अन्धेरी में जो जाप करैला। 

सांवरिये रो नाम लियां काम सरैला।।

 

साचै मन स्यूं नाम लियां, 

जोश घणो जागै है, 

डरनै रो काम कांई, 

बोलतां भय भागै है। 

श्रद्धा री नाव आपो आप तरैला।।

 

सपनो साकार हुयो, 

सिंह बण गूंज्यो, 

वेरी विरोधी दोनूं, 

संत जियां पूज्यो। 

आपरो आधार ही तो कष्ट हरैला।।

 

पाली रो बाजार खाली, 

बोलो कियां मानल्यां, 

भक्तां रो वास नहीं, 

बोलो कियां जाणल्यां। 

सन्तां रो अपमान करयां पाप भरैला।।

 

कष्टां रा पहाड़ झेल्या,

बणकर हाथी,

भारीमाल खेतसी सा, 

मिलग्या हा साथी। 

होसी कल्याण साचो ध्यान धरैला।।

 

राखो विश्वास करसी, 

पार थांनै सांवरियो, 

अन्तिम प्रवास ठायो, 

सिरियारी में सांवरियो। 

तेरस रो त्यौंहार मन में जोश भरैला।।

 

यह भजन हमें सिखाता है कि भगवान के नाम का सच्चे मन से स्मरण करने से जीवन में साहस, शांति और मार्गदर्शन मिलता है। श्रद्धा और भक्ति से किया गया सुमिरण ही आत्मिक उन्नति का सच्चा आधार है। 

🙏 जय जिनेंद्र 🙏