सामायिक आलोचना पाठ – अर्थ सहित (Samayik Aalochana Paath – With Meaning)

सामायिक व्रत के दौरान यदि मन, वचन या काया से कोई भी सावद्य प्रवृत्ति हो जाए, नियमों में शिथिलता आ जाए या अवधि का उल्लंघन हो जाए, तो उसकी आत्मस्वीकृति और शुद्धि के लिए सामायिक आलोचना पाठ किया जाता है। यह पाठ आत्मनिरीक्षण, दोषस्वीकार और प्रायश्चित्त की भावना को जाग्रत करता है। जैन आचार में यह सामायिक व्रत की शुद्धता बनाए रखने का एक महत्वपूर्ण अंग है। 

 

सामायिक आलोचना पाठ – अर्थ सहित

नौवें सामायिक व्रत में यदि कोई अतिचार (दोष) लगा हो, तो मैं उसकी आलोचना करता/करती हूँ –

 

1. मन की सावद्य प्रवृत्ति हुई हो।

2. वचन की सावद्य प्रवृत्ति हुई हो।

3. शरीर की सावद्य प्रवृत्ति हुई हो।

4. सामायिक के नियमों का पूरा पालन न किया हो।

5. अवधि से पहले सामायिक को पूरा किया हो।

 

🙏 तस्स मिच्छा मि दुक्कडं🙏 

 

सामायिक आलोचना पाठ का अर्थ (English Meaning)

नौवें सामायिक व्रत में यदि कोई अतिचार (दोष) लगा हो, तो मैं उसकी आलोचना करता/करती हूँ –
If any transgression (fault) has occurred in the observance of the ninth Samayik vow, I sincerely criticize and repent for it.

 

1. मन की सावद्य प्रवृत्ति हुई हो।
If any sinful or improper activity occurred through the mind.

2. वचन की सावद्य प्रवृत्ति हुई हो।
If any sinful or improper activity occurred through speech.

3. शरीर की सावद्य प्रवृत्ति हुई हो।
If any sinful or improper activity occurred through the body.

4. सामायिक के नियमों का पूरा पालन न किया हो।
If the rules of the Samayik vow were not fully observed.

5. अवधि से पहले सामायिक को पूरा किया हो।
If the Samayik was concluded before the prescribed duration was completed.

तस्स मिच्छा मि दुक्कडं
For all those faults, may my wrongdoing be rendered null — I seek forgiveness.

 

यह सामायिक आलोचना आत्मनिरीक्षण, विनय और जागरूक आचरण की प्रेरणा दे। सच्चे पश्चात्ताप एवं दृढ़ संकल्प से सामायिक की शुद्धता अक्षुण्ण रहे, कर्मबंधन क्षीण हों और आत्मिक समता तथा साधनामार्ग दृढ़ हो।

🙏 जय जिनेंद्र 🙏