“संती कुंथु अरहो” – रोगनिवारक मंत्र – अर्थ सहित (“Santi-Kunthu-Arho” – Rognivarak Mantra – With Meaning)
Jain Mantraयह जैन धर्म का एक पवित्र और प्रभावशाली मंत्र है। इसमें भगवान शांति नाथ, कुंथु नाथ, अरिष्टनेमि और पार्श्वनाथ का स्मरण किया…
यह जैन धर्म का एक पवित्र और प्रभावशाली मंत्र है। इसमें भगवान शांति नाथ, कुंथु नाथ, अरिष्टनेमि और पार्श्वनाथ का स्मरण किया…
यह ब्रह्मचर्य विकास मंत्र जैन धर्म में संयम और आत्मशुद्धि का महत्वपूर्ण संदेश देता है। इसमें बताया गया है कि ब्रह्मचर्य का…
यह मंत्र जैन धर्म में धर्म की सच्ची पहचान बताता है। इसमें अहिंसा, संयम और तप को सबसे श्रेष्ठ बताया गया है। यह हमें सिखाता है…
यह जाप सुबह-शाम 27 बार करना चाहिये। यह मंत्र जीवन के विघ्न, रोग और कष्टों को दूर करने तथा ग्रहों के अशुभ प्रभाव को शांत…
यह मंत्र श्रद्धावान लोगों के लिए महामंत्र का कार्य करता है। इसका सवा लाख जाप करने से अवश्य चमत्कार होता है। प्रारम्भ…
यह भजन “उगी सुनहली भोर णमो गुरुदेवाणं” बहुत सुंदर और भावपूर्ण रचना है। इसकी रचयिता साध्वी सिद्धप्रज्ञा जी हैं। इसमें…
यह आरती “ॐ जय भिक्षु स्वामी” आचार्य श्री भिक्षु स्वामी की महिमा का सरल और सुंदर वर्णन करती है। इसके रचयिता मुनि कन्हैयालाल…
यह भजन “बाबै रो नाम बड़ो है प्यारो” गहरी श्रद्धा और भक्ति से भरा हुआ है। इस भजन की रचना मुनि विजयकुमार जी ने की है।…
यह भजन “एक बार आओ म्हारा सांवरिया स्वामीजी” गहरी भक्ति और प्रेम से भरा हुआ है। इस भजन की रचना मुनि सुमतिकुमार जी…
यह भजन “स्वाम भिक्षु रो नाम जग में जयकारी” जैन तेरापंथ के प्रथम आचार्य आचार्य भिक्षु की महिमा का सुंदर वर्णन करता है…