धरती के बन गए देवता (Dharti Ke Ban Gaye Devta)
Mahavir Bhajanयह भजन भगवान महावीर स्वामी की महानता, करुणा और उपदेशों को सरल शब्दों में प्रस्तुत करता है। इसमें बताया गया है कि कैसे महावीर की शरण में आने से …
यह भजन भगवान महावीर स्वामी की महानता, करुणा और उपदेशों को सरल शब्दों में प्रस्तुत करता है। इसमें बताया गया है कि कैसे महावीर की शरण में आने से …
चइत्ता भारहं वासं – शान्तिस्तुति मंत्र जैन आगमिक परंपरा से जुड़ा हुआ एक भावपूर्ण स्तुतिवचन है। इसमें त्याग, वैराग्य और तपस्या का आदर्श भाव व्यक्त होता …
घंटाकर्ण महावीर स्तोत्र जैन परंपरा में श्रद्धा और आस्था का प्रतीक माना जाता है। यह स्तोत्र भय, रोग, बाधा और अनिष्ट से रक्षा की भावना से जपा जाता है। मान्यता है …
सामायिक व्रत के दौरान यदि मन, वचन या काया से कोई भी सावद्य प्रवृत्ति हो जाए, नियमों में शिथिलता आ जाए या अवधि का उल्लंघन हो जाए, तो उसकी …
सामायिक जैन धर्म की एक महत्त्वपूर्ण आध्यात्मिक क्रिया है, जिसमें साधक समभाव में स्थित होकर हिंसा, असत्य, चोरी, कुशील और परिग्रह से विरत होने का संकल्प …
यह सांयकालीन गुरु वंदना जैन परंपरा में गुरु के प्रति कृतज्ञता, श्रद्धा और समर्पण की भावपूर्ण अभिव्यक्ति है। इस वंदना में गुरु को युग-प्रणेता, युग-प्रचेता और …
जीवन-धन तुम जीवन-दाता एक भावपूर्ण आचार्य वंदना है, जिसमें जैन आचार्य के त्याग, तप, तेज और करुणा का श्रद्धापूर्वक गुणगान किया गया है। यह वंदना श्रमण …
तिक्खुत्तो आयाहिणं – गुरु वंदना पाठ, जैन परंपरा का एक अत्यंत श्रद्धापूर्ण और महत्वपूर्ण पाठ है। इस पाठ में गुरु के प्रति तीन बार प्रदक्षिणा, वंदना, नमस्कार …
चत्तारि मंगल पाठ – जैन धर्म की एक प्रसिद्ध और श्रद्धापूर्ण प्रार्थना है। यह पाठ चार मंगल रूपों का स्मरण कराता है, जिनसे जीवन में सही दिशा और …