गौतम गणधर बड़े महान (Gautam Gandhar Bade Mahan)
Panch Parmeshthi Bhajanयह भक्ति-गीत गौतम गणधर जी की महिमा का सुंदर वर्णन करता है। वे भगवान महावीर स्वामी के प्रमुख शिष्य थे और अद्भुत ज्ञान, तप और साधना के प्रतीक …
यह भक्ति-गीत गौतम गणधर जी की महिमा का सुंदर वर्णन करता है। वे भगवान महावीर स्वामी के प्रमुख शिष्य थे और अद्भुत ज्ञान, तप और साधना के प्रतीक …
यह भजन पारसनाथ प्रभु के प्रति अनन्य श्रद्धा, शरणागति और आत्मसमर्पण का भाव व्यक्त करता है। इसमें भक्त अपने जीवन के सभी संकटों के निवारण की प्रार्थना …
यह भजन भगवान महावीर स्वामी के त्याग, तप, करुणा और समता के महान आदर्शों को श्रद्धापूर्वक स्मरण करता है। इसमें उनके संयममय जीवन, अहिंसा के …
यह भजन भगवान महावीर के मंगलमय नाम, जीवन और उपदेशों का भावपूर्ण गुणगान है। सरल शब्दों में रचित यह रचना हमें संयम, करुणा और आत्मशुद्धि के मार्ग …
यह रचना आचार्य श्री महाप्रज्ञ की गहन चिंतनशील वाणी को व्यक्त करती है। इसमें वर्तमान युग की हिंसा, भोगवाद, भय और करुणा के क्षय पर प्रश्न उठाए गए …
यह रचना आदिनाथ भगवान ऋषभदेव के प्रति श्रद्धा, कृतज्ञता और आत्मबोध का भावपूर्ण गीत है। इसमें उनके द्वारा मानव समाज को दी गई संस्कृति, कृषि …
परमेष्ठी वंदना एक भावपूर्ण स्तुति है, जिसमें जैन धर्म के पाँच परमेष्ठियों—अरिहंत, सिद्ध, आचार्य, उपाध्याय और साधु—के गुणों का श्रद्धा से स्मरण किया गया है। रचना …
यह रचना आस्था, संकल्प और आत्मशुद्धि की प्रेरणादायक अभिव्यक्ति है। इसमें जीवन को प्रभु के पावन मार्ग पर अर्पित करने, सत्य और सिद्धांतों पर …
यह रचना आचार्य श्री तुलसी जी की एक भावपूर्ण स्तुति है, जिसमें साधु-जीवन की महिमा, संयम, तप और परोपकार का सुंदर चित्रण है। इसमें गुरु-अनुशासन …
यह रचना उपाध्याय परमेष्ठी के प्रति श्रद्धा, विनय और कृतज्ञता के भाव से अभिसिंचित है। आचार्य श्री तुलसीजी ने इसमें उपाध्यायजी के ज्ञान-प्रकाश, आगम-सेवा और …
यह भजन आचार्य श्री तुलसी द्वारा रचित एक करुण भाव से भरा आध्यात्मिक पद है। इसमें जीवात्मा की असहाय अवस्था और संसार-रूपी भवसागर से पार होने की …
“देवो देवो जी डगर वर” एक भावपूर्ण जैन स्तवन है, जिसकी रचना आचार्य श्री तुलसी ने की है। इस स्तवन में भक्त सिद्ध-नगर की ओर जाने वाले मार्ग का रहस्य …
यह सुप्रसिद्ध जैन संत आचार्य तुलसी द्वारा रचित एक अत्यंत भावपूर्ण और विनम्र प्रार्थना है। इस भक्ति रचना में भक्त अपने आराध्य (प्रभु) को अपने मन रूपी …
यह प्रेरक भक्ति गीत आचार्य श्री तुलसी द्वारा रचित है, जो भगवान महावीर के प्रति गहरी श्रद्धा और समर्पण को दर्शाता है। इस रचना के माध्यम से कवि हमें महावीर …
यह भक्तिपूर्ण रचना आचार्य श्री तुलसी द्वारा रचित है, जो जैन धर्म के 23 वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ के प्रति उनकी अगाध श्रद्धा को दर्शाती है। इस स्तुति में कवि …