यह भक्ति-गीत “रूं-रूं में सांवरियो बसियो” जैन संत परंपरा की गहरी श्रद्धा और गुरु-भक्ति को व्यक्त करता है। इसके रचयिता आचार्य श्री तुलसी हैं। इस गीत में …
यह भक्ति-गीत श्रद्धा, विनम्रता और गहरे आध्यात्मिक भावों से भरा हुआ है। इसके रचयिता आचार्य श्री तुलसी हैं। इस रचना में गुरु के ज्ञान, तप, त्याग और धर्म …
यह प्रेरणादायक भजन “प्रभो! यह तेरापंथ महान” आचार्य श्री तुलसी द्वारा रचित है। इसमें तेरापंथ धर्म की महानता, अनुशासन, समता और मानवता के संदेश का सुंदर …
यह भक्ति-गीत आचार्य श्री तुलसी द्वारा रचित है। इसमें सिरियारी के महान संत और तेरापंथ के भाग्य-विधाता के प्रति गहरी श्रद्धा व्यक्त की गई है। गीत में उनके त्याग …
यह प्रेरणादायक भजन आचार्य श्री तुलसी द्वारा रचित है। इसमें तेरापंथ धर्म की महानता, अनुशासन और एकता का सुंदर वर्णन है। भजन में आचार्य भिक्षु के आदर्शों …
यह भजन “भिक्षु म्हारै प्रगट्या जी” आचार्य श्री भिक्षु स्वामी की महिमा का सुंदर वर्णन करता है। इसमें उनके प्रकट होने, उनके दिव्य गुणों और उनके द्वारा स्थापित …
यह भजन देव, गुरु और धर्म के प्रति अटूट श्रद्धा और विश्वास को व्यक्त करता है। इसमें चौबीस तीर्थंकरों का स्मरण करते हुए उनके चरणों में विनम्र वंदन किया …