भीखण री मूरत भावै, जपतां मनड़ो हरसावै (Bhikhan Ri Murat Bhave, Japta Mando Harsave)
Acharya Bhikshu Bhajanयह सुंदर भजन साध्वी राजीमती जी द्वारा रचित है। इसमें आचार्य भिक्षु की पावन मूरत, उनके तप, त्याग और आदर्शों का भावपूर्ण…
यह सुंदर भजन साध्वी राजीमती जी द्वारा रचित है। इसमें आचार्य भिक्षु की पावन मूरत, उनके तप, त्याग और आदर्शों का भावपूर्ण…
यह सुंदर भजन “रूं रूं में सांवरियो रमग्यो, जबरो दीप जलायो हो” साध्वी राजीमती जी द्वारा रचित है। यह भजन प्रभु और गुरुदेव के प्रति…
यह भजन आचार्य श्री भिक्षु स्वामी की महिमा और उनके महान उपकारों का स्मरण कराता है। इसमें उनके द्वारा स्थापित तेरापंथ धर्मसंघ…
यह भक्ति-गीत साध्वी राजीमती जी द्वारा रचित है। इसमें आचार्य श्री भिक्षु द्वारा स्थापित तेरापंथ संघ की मर्यादा, अनुशासन और पवित्र …
यह भक्ति-गीत साध्वी राजीमती जी द्वारा रचित है। इसमें आचार्य श्री भिक्षु द्वारा स्थापित पवित्र संघ की महिमा का सुंदर वर्णन किया गया है…
यह आरती “ॐ भिक्षु! आरती उतारें ॐ जय भिक्षु!” साध्वी राजीमती जी द्वारा रचित एक भक्तिपूर्ण रचना है। इसमें आचार्य भिक्षु के…
यह भजन “स्वामीजी रै नाम री सब रोज फेरो माळा” साध्वी राजीमती जी द्वारा रचित एक प्रेरणादायक भक्ति-गीत है। इसमें स्वामीजी के…
यह भजन जैन तेरापंथ के प्रथम आचार्य आचार्य भिक्षु के प्रति श्रद्धा, भक्ति और समर्पण को प्रकट करता है। इसके रचयिता मुनि सुमेरमल…
यह एक भक्तिभाव से भरा जैन भजन है, जिसकी रचना मुनि बुद्धमल्ल जी ने की है। इसमें आचार्य भीखणजी स्वामी के प्रति गहरी…
यह एक सुंदर जैन भजन है, जिसकी रचना मुनि बुद्धमल्ल जी ने की है। इस भजन में श्रद्धालु स्वामीजी से प्रार्थना करते हैं कि वे …