प्रगट्यो एक नयो उद्योत, जागी जग में जगमग ज्योत (Pragatyo Ek Nayo Udyot, Jagi Jag Mein Jagmag Jyot)
Acharya Bhikshu Bhajanयह भजन आचार्य श्री तुलसी द्वारा रचित है, जिसमें स्वामी भीखणजी (आचार्य भिक्षु) के महान जीवन, आदर्शों और तेरापंथ धर्म के उज्ज्वल…
यह भजन आचार्य श्री तुलसी द्वारा रचित है, जिसमें स्वामी भीखणजी (आचार्य भिक्षु) के महान जीवन, आदर्शों और तेरापंथ धर्म के उज्ज्वल…
यह भजन “गुरुदेव! थांरी खिण-खिण याद सतावे, आर्यदेव!” आचार्य श्री तुलसी द्वारा रचित एक भावपूर्ण स्तुति है। इसमें गुरुदेव …
यह सुंदर भजन आचार्य श्री तुलसी द्वारा रचित है। इसमें तेरापंथ धर्मसंघ के आदर्श, मर्यादा और अनुशासन की महिमा का वर्णन किया …
यह भजन आचार्य श्री तुलसी द्वारा रचित है। इसमें आचार्य श्री भिक्षु (स्वामी भीखणजी) के महान जीवन, तप, त्याग और उनके …
यह भजन “ॐ भिक्षु जपे, जय भिक्षु जपे” आचार्य भिक्षु की महिमा, उनके आदर्शों और उनके द्वारा दिए गए सत्य मार्ग का सुंदर स्मरण…
यह भजन आचार्य आचार्य भिक्षु की महानता, तपस्या और उनके द्वारा स्थापित मर्यादाओं का गुणगान करता है। इसमें बताया गया है …
यह भजन “भज मन भिखू-स्याम” प्रभु भिखू-स्याम के पवित्र नाम की महिमा का वर्णन करता है। इसमें बताया गया है कि उनका नाम …
यह भजन आचार्य भिक्षु स्वामी की महिमा और उनके प्रति अटूट श्रद्धा को प्रकट करता है। इसमें भक्त अपने हृदय की भावना व्यक्त …
यह भजन भीखण बाबा की महिमा और श्रद्धा को प्रकट करता है। इसमें भक्त अपने हृदय की भावनाएँ सरल शब्दों में व्यक्त करता है …
यह भजन प्रभु से करुण पुकार है। भक्त अपने अंतर की गहरी प्यास व्यक्त करता है और भगवान से शीघ्र पधारने की विनती करता है …
यह भजन आचार्य भिक्षु के पावन व्यक्तित्व और उनके महान त्याग को समर्पित है। इसमें उनके नाम की मधुरता को इक्षु रस से तुलना की …
यह भक्ति-गीत आचार्य भिक्षु के प्रति गहरी श्रद्धा और प्रेम को व्यक्त करता है। इसमें उनके त्याग, तप, साहस और धर्म-प्रभावना का भावपूर्ण …
यह भजन गुरु के प्रति गहरे प्रेम और विरह की भावना को व्यक्त करता है। इसमें शिष्य अपने गुरुवर से बिछड़ने का दुःख प्रकट …
यह भजन “कहै किसनोजी चाल-चाल भारीमाल” एक भावपूर्ण कथा है। इसमें पिता और पुत्र के बीच के स्नेह, त्याग और वैराग्य का वर्णन …
यह सुंदर भजन “पंखीड़ा ओ पंखीड़ा” श्री अरविन्द जी नाहर द्वारा रचित है। इसमें भक्त अपने भावों को एक पंखी (पक्षी) के माध्यम से …