भिक्षु भिक्षु ही जबां पर नाम है (Bhikshu Bhikshu Hi Zuban Par Naam Hai)

यह सुंदर भक्ति गीत आचार्य भिक्षु के प्रति गहरी श्रद्धा और प्रेम को व्यक्त करता है। इसमें भक्त के मन की भावनाएं बहुत सरल शब्दों में प्रकट होती हैं। हर पंक्ति में उनके नाम की महिमा और शांति का अनुभव बताया गया है। यह गीत हमें सिखाता है कि सच्चे गुरु का स्मरण जीवन में सुकून और सही मार्ग देता है।

 

भिक्षु भिक्षु ही जबां पर नाम है

🎶 लय – दिल के अरमाँ आँसुओं 

✍🏻 रचयिता – साध्वी चाँदकुमारी जी

 

भिक्षु भिक्षु ही जबां पर नाम है। 

तेरे नाम से मिलता बड़ा आराम है।।

 

हृदय की धड़कन तुझे पुकारती, 

दर्श पाने को ये पलकें निहारती। 

जिन्दगी का तूं सही विश्राम है।।

 

हर सांस में प्रभु नाम की झंकार है, 

तेरे चरणों से हमें तो प्यार है। 

सोते उठते एक तेरा ध्यान है।।

 

तूं ही जीवन का अमर विश्वास है, 

हो रहा प्रतिपल तेरा आभास है। 

तेरी स्मृतियां शान्ति का शिव-धाम है।।

 

विघ्न मिटते द्वन्द्व कटते नाम से, 

मंगल ही मंगल तेरे अभिधान से। 

होते सुमिरण से सफल सब काम है।।

 

यह भजन हमें गुरु भक्ति का महत्व समझाता है। आचार्य भिक्षु का स्मरण जीवन में शांति और सफलता लाता है। उनके नाम का जाप मन को स्थिर करता है और हमें सही दिशा दिखाता है।

🙏 जय जिनेंद्र 🙏