यह भजन भीखण बाबा की महिमा और श्रद्धा को प्रकट करता है। इसमें भक्त अपने हृदय की भावनाएँ सरल शब्दों में व्यक्त करता है। भजन में बाबा को सिद्ध पुरुष, सहारा और तारणहार बताया गया है। हर अंतरे में गहरी भक्ति, विश्वास और समर्पण झलकता है। इस भजन को “जय जयकारा” की लय पर गाया जाता है, जिससे इसमें उत्साह और भक्ति का सुंदर संगम दिखाई देता है।
भीखण बाबा की जय जयकार करें
🎶 लय – जय जयकारा (बाहुबली)
भीखण बाबा की,
जय जयकार करें।
निशदिन मन मंदिर,
तेरा ध्यान धरें।।
मेरे लिए प्रभुवर हो,
तुमहीं चारों धाम।
सिद्ध पुरुष बाबा,
शिव शंकर हो स्वाम।।
अमृत धारा,
हो ध्रुव तारा, सबसे न्यारा।
सबल सहारा,
तू ही तारण हारा।।
भीखण बाबा, भीखण बाबा।
मत्रांक्षर है नाम तुम्हारा।।
मेरे भीखण बाबा की,
गौरव गाथा गाओ।।
कंटालिया जन्म तुम्हारा,
बगड़ी संन्यास स्वीकारा।
सिरियारी में संथारा,
जीवन निखारा।।
जब-जब तेरा नाम जपु,
कण-कण में पौरुष जग जाए।
सपने सब फलते जाए,
मंजिल मिल जाए।।
आंधी-तूफां नमते,
थमते धग धगते अंगारे।
जंतर-मंतर या व्यंतर,
टलती विपदाएं।।
भीखण बाबा तुम आओ,
आओ ना, ना तरसाओ।
प्यासी अखियों की,
प्यास बुझाओ, अब आजाओ,
भक्तों ने तुम्हें पुकारा।।
भीखण बाबा, भीखण बाबा।
मंत्राक्षर है नाम तुम्हारा।।
यह भजन श्रद्धा, विश्वास और समर्पण का सुंदर उदाहरण है। भीखण बाबा का स्मरण जीवन में साहस और शांति देता है। इसे गाकर भक्त अपने मन को पवित्र और मजबूत बना सकता है।
🙏 जय जिनेंद्र 🙏
