जीवन धन तुम जीवन दाता – आचार्य वंदना (Jivan Dhan Tum Jivan Data – Acharya Vandana)

जीवन-धन तुम जीवन-दाता एक भावपूर्ण आचार्य वंदना है, जिसमें जैन आचार्य के त्याग, तप, तेज और करुणा का श्रद्धापूर्वक गुणगान किया गया है। यह वंदना श्रमण संस्कृति की गरिमा, शांति, मंगल और विश्व-मैत्री के आदर्शों को उजागर करती है। भक्ति और आदर से परिपूर्ण यह रचना साधक के मन में श्रद्धा, प्रेरणा और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करती है।

 

जीवन धन तुम जीवन दाता – आचार्य वंदना

जीवन-धन तुम जीवन-दाता,
कलाकार जीवन-निर्माता।

 

श्रमण संस्कृति के उद्गाता,
शरणागत के हो तुम त्राता।

 

तरुण तपस्वी, दीर्घ मनस्वी,
तपः-पूत विभुवर वर्चस्वी।

 

ओजस्वी प्रभु परम यशस्वी,
दिनमणि से अतिशय तेजस्वी।

 

विघ्न विनायक, मंगल दायक,
शांति विधायक, जन-उन्नायक।

 

युग-युग जियो शासन-नायक,
विश्व-मैत्री के तुम संगायक।

 

यह आचार्य वंदना श्रद्धा और विनय के साथ नित्य पठन हेतु उपयुक्त है। प्रातःकाल या स्वाध्याय के समय इसका पाठ साधक के मन में शांति, सकारात्मकता और आध्यात्मिक प्रेरणा का संचार करता है। 

🙏 जय जिनेंद्र 🙏