क्रोध / आवेश मुक्ति मंत्र एक सरल किन्तु अत्यंत प्रभावशाली शांति मंत्र है। यह मन में उत्पन्न होने वाले क्रोध, तनाव, आवेश और अशांति को शांत करने की प्रेरणा देता है। इस मंत्र का नियमित जप मन को स्थिर, शांत और संतुलित बनाने में सहायक माना जाता है। इसका भाव हमें आंतरिक शांति, धैर्य और सकारात्मक सोच की ओर अग्रसर करता है।
क्रोध / आवेश मुक्ति मंत्र
ॐ शान्ते प्रशान्ते
सर्व-क्रोधोपशमनी स्वाहा।
Om Shante Prashante
Sarva-Krodhopashamani Swaha
क्रोध / आवेश मुक्ति मंत्र का अर्थ (Hindi & English Meaning)
ॐ शान्ते प्रशान्ते
हे शांति और परम शांति की दिव्य शक्ति, मेरे मन को पूर्ण रूप से शांत करो।
O divine force of peace and supreme peace, bring complete calmness to my mind.
सर्व-क्रोधोपशमनी स्वाहा।
मेरे भीतर के सभी क्रोध, आवेश और अशांति का पूर्णतः शमन हो जाए।
May all anger, agitation, and inner unrest within me be completely pacified.
यह मंत्र हमें क्रोध पर नियंत्रण और मन की शांति का संदेश देता है। श्रद्धापूर्वक इसका स्मरण करने से मन में संतुलन, धैर्य और सकारात्मक ऊर्जा का विकास होता है।
🙏जय जिनेंद्र🙏
