“धम्मो-मंगल-मुक्किट्ठं” – अहिंसा विकास मंत्र – अर्थ सहित (“Dhammo Mangal Mukkittham” – Ahimsa Vikas Mantra – With Meaning)

यह मंत्र जैन धर्म में धर्म की सच्ची पहचान बताता है। इसमें अहिंसा, संयम और तप को सबसे श्रेष्ठ बताया गया है। यह हमें सिखाता है कि बाहरी आडंबर नहीं, बल्कि आचरण ही असली धर्म है। जो व्यक्ति इन गुणों को अपनाता है, वह सम्मान के योग्य बनता है। 

 

अहिंसा विकास मंत्र

धम्मो-मंगल-मुक्किट्ठं अहिंसा संजमो तवो। 

देवा वि तं नमंसंंति जस्स धम्मे सया मणो।। 

 

Dhammo mangal mukkittham ahimsa sanjamo tavo.

Deva vi tam namansanti jassa dhamme saya mano.

 

अहिंसा विकास मंत्र का अर्थ (Meaning in Hindi & English)

धम्मो-मंगल-मुक्किट्ठं
धर्म सबसे श्रेष्ठ मंगल है
Dharma is the highest and most auspicious blessing

 

अहिंसा संजमो तवो।
अहिंसा, संयम और तप ही धर्म हैं
Non-violence, self-discipline, and austerity are true religion

 

देवा वि तं नमंसंंति
देव भी ऐसे व्यक्ति को नमस्कार करते हैं
Even celestial beings bow to such a person

 

जस्स धम्मे सया मणो।।
जिसका मन सदा धर्म में लगा रहता है
Whose mind always remains absorbed in righteousness

 

🙏 जय जिनेंद्र 🙏