यह आरती “ॐ जय भिक्षु स्वामी” आचार्य श्री भिक्षु स्वामी की महिमा का सरल और सुंदर वर्णन करती है। इसके रचयिता मुनि कन्हैयालाल जी हैं। इसमें उनके त्याग, तप, संयम और जैन धर्म के प्रति समर्पण को बताया गया है। तेरापंथ के संस्थापक के रूप में उनका जीवन प्रेरणादायक रहा है। इस आरती को गाने से मन में श्रद्धा, शांति और सकारात्मक भावना उत्पन्न होती है।
ॐ जय भिक्षु स्वामी - आचार्य श्री भिक्षु आरती
🎶 लय – आरती
✍🏻 रचयिता – मुनि कन्हैयालाल जी
ॐ जय भिक्षु स्वामी।
तेरापंथ प्रणेता, जिनवर अनुगामी।।
भिक्षु नाम सुखदाता, जग में जयकारी।
रोग शोक भय भंजक, शुभ मंगलकारी।।
त्याग तपस्या द्वारा, जीवन चमकाया।
जैन धर्म का झण्डा, घर-घर लहराया।।
मर्यादा पुरुषोत्तम, जन-मन उजियारा।
तेरी कीर्ति अमर है, जैसे ध्रुवतारा।।
समता संयम धारी, उज्जवल आचारी।
जैनागम विज्ञाता, शिव-पथ संचारी।।
भिक्षु भिक्षु के जप से, मन वांछित फलते।
‘मुनि कन्हैया’ पल में, सब संकट टलते।।
यह आरती हमें आचार्य भिक्षु स्वामी के आदर्शों को अपनाने की प्रेरणा देती है। मुनि कन्हैयालाल जी की यह रचना सरल और प्रभावी है। श्रद्धा से गाने पर मन प्रसन्न होता है और जीवन में शांति आती है।
🙏 जय जिनेंद्र 🙏
