यह भक्ति गीत “मीठो सांवरिये रो नाम जाणै मिसरी री डळी” साध्वी राजीमती जी द्वारा रचित एक सुंदर जैन भजन है। इसमें आचार्य भिक्षु के पावन नाम की महिमा और उसके स्मरण की शक्ति का वर्णन किया गया है। भजन में बताया गया है कि प्रभु का नाम जीवन में शांति, श्रद्धा और धर्म की जागृति लाता है।
मीठो सांवरिये रो नाम जाणै मिसरी री डळी
🎶 लय – स्वामी भीखणजी रो नाम
✍🏻 रचयिता – साध्वी राजीमती जी
मीठो सांवरिये रो नाम,
जाणै मिसरी री डळी,
सुमरो सुबह और शाम, होसी रंगरळी।
चिन्तामणी है, नाम प्रभु रो,
च्यारूं कुंटां फैली सांवरियै री कीरत उजळी।।
पूनम नै प्रगटी पुन्याई,
जिन-शासन में आई तरुणाई।
धर्म क्रांति री आ उजळी ज्योत एक निकळी।।
सुख में भजल्यो भिक्षु भिक्षु,
दुःख में भजल्यो भिक्षु भिक्षु।
श्रद्धा राखणियां री सारी मन-री कामना फळी।।
झुक ज्यावै मतवाळो हाथी,
हिल ज्यावै चोरां री छाती।
चमत्कारी है ओ नाम सुधरै बात अंवळी।।
अंगुलियां रा पोरा घिसग्या,
जीभड्ल्यां में छाला पड़ग्या।
सूक्या आंखड़ल्यां रा तारा चमकै ज्ञान बिजळी।।
गण उपवन री शोभा निराली,
तप संयम री छाई हरियाळी।
तुलसी वनमाली नै पाकर खिलगी कळी-कळी।।
यह भजन हमें सिखाता है कि प्रभु नाम का स्मरण जीवन में शक्ति, शांति और श्रद्धा देता है। आचार्य भिक्षु के पावन नाम का जप करते हुए हम धर्म, संयम और भक्ति के मार्ग पर आगे बढ़ सकते हैं।
🙏 जय जिनेंद्र 🙏
