ज्योति का अवतार बाबा (Jyoti Ka Avatar Baba)

यह भक्ति-गीत “ज्योति का अवतार बाबा” आचार्य श्री महाप्रज्ञ द्वारा रचित एक प्रेरणादायक रचना है। इसमें आचार्य भिक्षु के जीवन, उनके त्याग, साधना और आध्यात्मिक प्रकाश का सुंदर वर्णन है। गीत में बताया गया है कि वे ज्ञान, भक्ति, शक्ति, क्रांति और शांति के प्रतीक थे। उनके उपदेशों ने धर्म को नई दिशा दी। यह रचना हमें आत्म-जागरण, संतुलन और सच्चे धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। 

 

ज्योति का अवतार बाबा

🎶 लय – आत्म साक्षात्कार प्रेक्षाध्यान

✍🏻 रचयिता – आचार्य श्री महाप्रज्ञ 

 

ज्योति का अवतार बाबा ज्योति ले आया।

ज्योति का आभा-वलय आलोक गहराया।

 

सूत्र का आधार मुझको सूत्र मेरा प्राण,

सूत्र की आराधना ही बन रही है त्राण।

भक्ति का अवतार बाबा भक्ति ले आया।।

 

भूख जीती और पाया नींद पर अधिकार,

संतुलित मन आ रहा था जब विरोधी ज्वार।

शक्ति का अवतार बाबा शक्ति ले आया।।

 

धर्म की व्याख्या विलक्षण दूध दूध न तुल्य,

राग है संसार का पथ मोक्ष मार्ग अमूल्य।

क्रांति का अवतार बाबा क्रांति ले आया।।

 

खेतसी की भक्ति का व्रत हेम की अधिशक्ति,

वह फतह, थिरपाल मुनि की संघ की अनुरक्ति।

शांति का अवतार बाबा शांति ले आया।।

 

सीख अंतिम भिक्षु की है हो परस्पर प्रीति,

योग्यता ही हो कसौटी, सफलता की नीति।

हृदय का संगीत बाबा गीत ले आया।।

 

यह गीत आचार्य भिक्षु के प्रकाशमय जीवन का स्मरण कराता है। उनके आदर्श हमें प्रेम, शांति और धर्ममार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। सचमुच, यह रचना हृदय में श्रद्धा और उत्साह जगाती है। 

🙏 जय जिनेंद्र 🙏