यह गीत गृह प्रवेश के मांगलिक अवसर के लिए एक अत्यंत सुंदर और भक्तिपूर्ण रचना है। इसमें भगवान महावीर, पार्श्वनाथ और गुरुजनों को श्रद्धापूर्वक अपने नए घर में पधारने का निमंत्रण दिया गया है। यह रचना न केवल नए घर की खुशियों को दर्शाती है, बल्कि पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मकता से भर देती है।
गृह प्रवेश गीत - श्वेतांबर तेरापंथी परिवार
🎶 लय – जीवन है पानी की बूँद
✍🏻 रचयिता – श्री सतीश कुमार छाजेड़
गृह प्रवेश रो अवसर आयो,
खुशियाँ मनाओ रे।
गाओ सब गाओ,
ओहो! गाओ सब गाओ,
प्रभु की महिमा गाओ रे!
महावीर प्रभु जी पधारो घर में,
पारस प्रभु जी पधारो घर में।
भिक्षु स्वामी पधारो घर में,
तुलसी गणी पधारो घर में।
मंगल बेला में,
ओहो! मंगल बेला में,
थाने भक्त बुलावे हैं!
गृह प्रवेश रो अवसर आयो,
खुशियाँ मनाओ रे।
देवी-देवता नाचे डोले,
रुम झूम करतां पधारे है।
भक्ति रा हिलोरा खाये,
झूमे नाचे गावै है।
मंगल बेला में,
ओहो! मंगल बेला में,
मंगल गीत सुनावै है।
गृह प्रवेश रो अवसर आयो,
खुशियाँ मनाओ रे।
कितना सुन्दर घर ओ बनायो,
सगलां देवे बधाई है।
(जैन) परिवार में देखो आज,
खुशियाँ चहुँ ओर छाई है।
मंगल बेला में,
ओहो! मंगल बेला में,
भक्ति रो ठाठ लगावै है।
गृह प्रवेश रो अवसर आयो,
खुशियाँ मनाओ रे।
यह गीत हमें सिखाता है कि नया घर केवल ईंट-पत्थरों से नहीं, बल्कि प्रभु की कृपा और शुभ संस्कारों से बनता है। भक्तिमय सुरों से सजा यह गीत परिवार में सुख, शांति और समृद्धि की मंगल कामना करता है।
🙏 जय जिनेंद्र 🙏
